कभी धरती और जीवों के बीच रहा मधुर संबंध आज तार-तार होने लगा है। यही मुख्य कारण है कि आज हमारे सामने लगातार बड़ी-बड़ी समस्याएं आ रही है, और इस समय की सबसे बड़ी समस्या है ग्लोबल वार्मिंग। जिसके कारण धरती दिन ब दिन गर्म होती जा रही है। यदि यह जारी रहा तो हमारा अस्तित्व गम्भीर खतरों के पलनों में पलने लगेगा और उन पलनों को हिलायेगी समस्याएं तथा उनके बेटे और पोते।
ये बात तो बिल्कुल सच है कि कुछ गैस वातावरण में प्राकृतिक रूप से पैदा होती हैं और कुछ मानवीय क्रियाकलापों के परिणाम से हो रही है। इस धरती पर मानव आज अपनी समस्याओं को खुद पैदा कर रहा है। यह धरती पर राक्षसों के फिर से पैदा होने के संकेत नहीं है तो क्या है ? खेतों में खाद का प्रयोग करने से नाइट्रस ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है जो आने वाले दिनों के लिए बुरा समाचार है। शायद हमलोग लगातार समस्यओ की बाहों में कसे जा रहे है, और समाधान कहीं भी नजर नहीं आता, तो इससे बड़ा अशुभ समाचार क्या हो सकता है? समस्याओं का समाधान हमें ढूँढना ही होगा नहीं तो......
सो जायेगी धरती, सो जायेगा आसमां
और सो जाएंगे सारे सितारे।
नाव तो मझधार में डूबेगी ही,
जब खो जाएंगे नदी के दोनों किनारे।
तो हमारी नाव की पतवार अभी हाथ में है और किनारे भी दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले कि हमारी नाव मजधार में डूबे हम किनारे की ओर बढना शूरू कर दें। ग्लोबल वार्मिंग के कारण दिन ब दिन कई जीव-जन्तु हमारी आंखों के सामने से लुप्त होते जा रहे हैं। लगातार इन जीव-जन्तुओं की संख्या नहीं के बराबर होती जा रही है। इससे बड़ा अशुभ संकेत क्या हो सकता है आज जीव-जन्तु नष्ट हो रहे हैं तो कल इसी ‘ग्लोबल वार्मिंग ‘के कारण सारी मानव जातियाँ अंधेरी गुफा में प्रवेश करने लगेगी।
तब ज़रा सोचिये। अंधेरी गुफा में प्रवेश करने पर क्या होगा। इससे भी सबसे गम्भीर बात यह है कि उत्तरी ध्रुव विश्व में तेज़ी से गर्म होता जा रहा है और बहुत सम्भव है कि बर्फ की मोटी चादर पिघल जाएगी तथा समुंद्र का जलस्तर कई मीटर ऊचां उठ जाएगा। दिल्ली की एक संस्था के अनुसार समुद्रं का जलस्तर बढ़ने से मुम्बई और चेन्नई जैसे विशाल तटीय शहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कुछ देशों में ग्लोबल वॉर्मिंग पर काम कर रहे वैज्ञानिको के समूह का निष्कर्ष और भी चकित करने वाला है जिनके अनुसार समुद्रं का जल स्तर बढ़ने से मालदिप तथा बंगलादेश जैसे तटीय देशों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
तो साथियो! कौन करेगा इन समस्याओं का समाधान, कौन राम लेगें जन्म इन राक्षसो का वध करने के लिये, किस तीर से कौन राक्षस मरेगा ? हमें होना होगा एक जुट, करना होगा एक गहरा मंथन और पैदा करना होगा एक विचार रूपी राम। तो आइए, चले विचारों की एक अद्भुत दुनिया, जहां हम पा सके एक नई शक्ति। आओ हाथ से हाथ मिलाएं और खोजे एक अनोखा तीर जो ‘ग्लोबल वार्मिंग’ रूपी राक्षस का वध कर सके। मैं तो तैयार हूँ, तो क्या आप तैयार हैं।
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