Saturday, April 5, 2014

गंदे राजनीति के दुष्चक्र में फंसा भविष्य


विद्या का मंदिर कहा जाने वाला स्कूल,कॅालेज,विश्वविद्यालय  ने गुरू-शिष्य की परंपरा को बिल्कुल ही खत्म कर दिया है।विश्वविद्यालय जहॅा गुरू -शिष्य की परंपरा को राजनीति नाम के  गंदे कीड़े ने पूरी तरह दूषित करके रख दिया है। जहां लोग एक अच्छे व्यक्तित्व को निखारने आते हैं, वहां राजनीति की कुरीतियों में अपनी छवि खोते हुए दिख रहे हैं।एक -दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में ही अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं।