Sunday, November 25, 2012

मध्यवर्गीय परिवार में करियर का जाल


इस आधुनिकता की दौर में बिहार के हर मध्यमवर्गीय परिवार में अपने बच्चों को इंजीनियर बनाने की ख्वाइश है वह अपने बच्चे को सिर्फ और सिर्फ इंजीनियर और डॉक्टर बनाना चाहते है। इसके लिए वह हर कष्ट को खुशी-खुशी झेलने के लिए तैयार रहते है। बच्चे भी अपने माता-पिता की बात को नाकार नहीं पाते है क्योंकि इस परिवार में बच्चों की इच्छा जानने की कोशिश नहीं की जाती है। वह अपने बच्चों को शुरूआती दौर से ही कहते रहते है- मेरा बेटा इंजीनियर बनेगा। यह वाक्यंश भी समाज में देखा देखी के कारण बोलते है।

Sunday, November 18, 2012

पटेल नगर मोड़ पर लोगों को क्षतिग्रस्त चैंबर में गिरने से बचाने के दुकानदारों के द्वारा विज्ञापन बोर्ड का इस्तेमाल कुछ इस तरह किया गया.
राहगीर को क्षतिग्रस्त चैंबर में गिरने बचाने के लिए हेमा और शबाना की होर्डिंग का कुछ इस तरह इस्तेमाल किया गया.


 होर्डिंग के पीछे टूटा चैंबर और गाड़ी को बचाकर निकलता चालक

Sunday, November 4, 2012

एफडीआई और विकास का मिथक

आखिरकार केंद्र सरकार ने भारत में विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिये खुदरा क्षेत्र को खोलने की मंजूरी दे ही दी। एविएशन, ऊर्जा और प्रसारण में भी एफडीआई को हरी झंडी दे दी गई है।

Thursday, November 1, 2012

आयें जाने हिंदी को ....

है प्रीत जहाँ की रीत सदा में गीत वहाँ के गाता हूँ....भारत का रहनेवाला हूँ भारत की बात सुनाता हूँ...
हिंदी पुरे विश्व में चायनिज के बाद दूसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा हैं।
करीब 50 करोड़ लोग हिंदी को बोलते है और 80 करोड़ लोग हिंदी समझते है।
भारत के अलावा ये मॉरीसस ,गुयाना ,फिजी, सूरीनाम ,त्रिनिदाद एवं टोबैगो,नेपाल की प्रमुख भाषा हैं।
इसके अलावा ये अमेरिका ,ब्रिटेन ,जर्मनी, सिंगापुर...अन्य देशो में बोली जाती है।
भारत के अलावा अन्य देशो में रेडियो पर हिंदी सुनी जा सकती है।जो पूर्णतः हिंदी में कार्यक्रम प्रस्तुत करती है।ये देश जापान,सिंगापुर एवं अन्य देश है।
हिंदी का सबसे पहले प्रमाण 400 में कालिदास द्वारा रचित विक्रमोर्वशीयम के रूप में है।उस समय हिंदी को अपभ्रंश (भाषा) के रूप में जाना जाता था।1805 में लालू लाल ने पहली हिंदी पुस्तक लिखी थी।जिसका नाम प्रेम सागर था।इस पुस्तक में भगवान कृष्ण का वर्णन था।
हिंदी में 1 लाख 20000 शब्द हैं।एक शोध से ये पता चला है की अगर खुद की भाषा में कोई कार्य किया जाये तो वो ज्यादा बेहतर होता है।
तो आये हिंदी का उचित सम्मान करे ....उसे पढ़े पढ़ायें...सुने ...सुनायें