Monday, February 4, 2013

वैश्वीकरण के दौर में युवाओं की चुनौतियां

उस पीढ़ी की नींव कितनी गहरी तथा मज़बूत है, उसकी दिशा तथा दशा दोनो की स्थिति की पहचान उस पीढ़ी की मानसिकता से पता लगाया जा सकता है। आज युवाओं के मानस पटल पर पड़ने वाले बदलते समाज की नई छवि ने जो नए विचारो को जन्म दिया है उससे उनकी आकांक्षाओं में बदलाव आया है तो दूसरी तरफ कुछ पुराने विचारों के समक्ष तर्क-वितर्क के कारण वह प्रभावित भी हुए हैं। इस स्थिति में आवश्यक्ता है कि युवाओं में आने वाली विचारधारा के स्त्रोत का मूल्यांकन किया जाए ताकि वे एक बेहतर भविष्य के लिए चुनौतियों से लड़ने के लिए कुछ विकल्प तलाश कर सकें।