Thursday, August 25, 2016

बिहार में शराबबंदी एक तानाशाही फैसला!

लोकतंत्र की नींव व्यक्तिगत स्वतंत्रता है। इसका अभिप्राय यह है कि लोगों को खान-पान, कहीं भी रहने, बोलने की स्वतंत्रता होती है। अगर लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता समाज की बेहतरी को आधार बना कर छीन ली जाए तो यह लोकतंत्र के बुनियादी आधार का हनन है।