एक आर्दश गांव होने के बावजूद भी गांवो में रहना
मुश्किल होता है। जिन गांवों में सड़क, पानी, मकान आदि आधारभूत व्यवस्था
समृद्ध है वहां भी समाजिक बंदिशो के कारण जीवन की रास्ते मे रूकावटें होती हैं। आइए हम जानें इन रुकावटों को।
ऐसा ही एक समृद्ध
परिवार अपने परिवार के साथ एक गांव में खुशी खुशी रहता है। उनका गांव में अच्छा
खासा जमीन भी है लेकिन आसपास के लोगों द्वारा उन्हे परेशान किया जाता है वह हमेशा
लोगों द्वारा दबाया जाता है। इसका एक अहम कारण यह है कि गांवों में पड़ोसी न होकर
गोतिया होते हैं। कहने को तो ये सभी एक ही कुनबे से संबंधित होते हैं जैसे पिताजी
के भाई, दादाजी के भाई लेकिन ये सहयोगी कम और दुश्मन ज्यादा होते हैं। ये लोग किसी
भी काम में एक-दूसरे को दबाने की कोशिश
करते हैं। दबाने का मतलब है कि उस परिवार की प्रगति को रोकना।
जिस परिवार की मैं बात कर रहा हूं उसको अपना
जमीनी हिस्सा भी नहीं मिला है इसके बावजूद
वह खुश है, लेकिन फिर भी समाज में उस परिवार को नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है।
गोतिया हमेशा उस परिवार से झगड़ा करने के लिये उतारू रहते हैं। उन्हे ताने के रूप
में गाली भी सुनने को मिलती है। उस परिवार में धैर्य और संयम इस प्रकार का है कि
वह अपने बच्चों को पढ़ाने में मशगूल है गांवो की गतिविधियों से वह दूर रहता है।
ऐसा नहीं है कि वह परिवार अपने गोतिया द्वारा खड़ी
की जा रही परेशानियों को नहीं समझ रहा लेकिन लेकिन वह पहले अपने बच्चों को कामयाब
बनाना चाहता है। समय की नजाकत को देखते हुए अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई
पर ही अधिक ध्यान देता है। इसका नतीजा यह है कि आज के समय में उस परिवार में सौ
प्रतिशत शिक्षित लोग है। उस परिवार के सदस्य कामयावी की उस मुकाम पर हैं कि वह
गांव एक लिए एक आदर्श परिवार बन गए हैं और उन्हे काफी सम्मान करते है।
उस परिवार कुछ भी ऐसा नहीं किया जिससे बदलाव दिख
रहा हो, उसके पास पिताजी का बना वहीं मकान है वहीं जमीन। फर्क इतना ही पड़ा कि
उनके बच्चे कामयाव हो गये है। जहां छोटी-छोटी बातों को लेकर आसपास के लोग उस
परिवार से झगड़ने के लिये तैयार हो जाते थे और अब परिवार के छोटे सदस्यो को भी
काफी सम्मान मिलता है। पहले वह अपने जमीन को हमेशा देखा करता था फिर भी जमीन जब्त
कर लेने की समस्या पैदा हो जाती थी इसको झेलना उस परिवार के लिए तो मुश्किल हो
जाता था लेकिन आज वह परिवार अपने जमीन को देखने तक नहीं जाता है इसके बावजूद भी
उसका जमीन सुरक्षित है और उपज भी अच्छी होती है। इस कहानी से हमें यही सीख मिलती
है कि धैर्य हमारे जीवन का सबसे बड़ा मूलमंत्र है जो आपके जीवन में बदवलाव लाता
है। अगर वह परिवार गांवो की उलझनो में उलझता तो आज उस मुकाम पर नहीं पहुंचता।
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