जिंदगी जीना बहुत
आसान है लेकिन हमलोग गलतियां करके उसे मुश्किल बना देते हैं। हर कोई जीवन में खुश
रहना चाहता है, सकारात्मक होना चाहता है, अधिक क्रिएटिव और प्रोडक्टिव होना चाहता
है। भरपूर पैसा और समाज में सम्मान पाना सभी का लक्ष्य होता है। लेकिन इस बेहतर
जीवन को और उसके आनंद को पाने के लिए हम क्या करते हैं? कुछ नहीं। क्या आप
जानते हैं कि अच्छा परिवार, बहुत सारे दोस्त, अच्छा स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा
एक सुखी जीवन के लिए पर्याप्त है, लेकिन हम अपनी पूरी जिंदगी लोगों के साथ खुद की
तुलना करने में लगा देते हैं। अपने आपको भागयशाली मानने की बजाय अतिमहत्वाकांक्षी हो
जाते हैं और उस चक्कर में जिंदगी का असली स्वाद लेना भूल जाते हैं।
याद रखे जिंदगी
एक बार मिलती है इसलिए जब भी कोई लक्ष्य निर्धारित करें तो उसे प्राप्त करने के
लिए ईमानदारी से पूरी कोशिश करें और अंत में क्या होगा इसकी चिंता किए बिना प्रयास
करें। कई लोगों को भविष्य के बारे में चिंता करने की आदत सी होती है, ऐसा करने से
वे वर्तमान का महत्व कम कर देते हैं। इसलिए कहा जाता है कि अगर याद ही करना है तो अतीत
की सुखद घटनाओं को याद करें जो आपको खुशी दे, भविष्य तब ही सुनहरा होगा। "वर्तमान जीवन का उपहार
है"। इस तथ्य को जितना जल्दी हम समझ जायें अच्छा होगा, इस
बात की पुष्टि हम अपने कुछ रोजमर्रा की जिंदगी और खान-पान के साथ जोड़कर कर सकते
हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्किंग लोगों के पास अपनी सेहत या फिट रहने का
बिल्कुल समय नहीं होता। घर, ऑफिस और दूसरे कामों में दिन निकल जाता है, समय ही
नहीं होता कुछ और सोचने का, ऐसे में सबसे ज्यादा नजरअंदाज हम स्वयं को करते हैं।
और तो और अपने खाने-पीने की चीजों को लेकर लापरवाह नजर आते हैं। भूख लगने पर जो भी
मौके से मिल जाता है उसका सेवन कर लेते हैं और इसका परिणाम कुछ समय बाद स्वयं ही
भुगतना पड़ता है, और तब कई परेशानियां घेर लेती हैं और तब बेहतर यही होगा कि इस
बिजी शेड्यूल में से कुछ वक्त अपने लिए भी निकालें ताकि भविष्य में आने वाली सेहत
संबधी परेशानियों से स्वयं को बचा कर रख सकें। जैसे........ नींद का पूरा न होना,
अपनी क्षमता से अधिक काम करना, घंटो बैठकर टीवी देखना, कम्प्यूटर के आगे बैठना, शिथिल
जीवन शैली, जाने कितने अन्य कारण हैं जो हमारी सेहत पर बुरा प्रभाव डालते हैं, समय
रहते सावधान होना ही हम सब की सेहत के लिए बेहतर है।
कहते हैं कि जब खाना टेस्टी
होता है तब हम खाने के स्वाद में खो जाते हैं, और यह भूल ही जाते हैं कि खाने के
भी कुछ नियम होते हैं। यदि खाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखा जाए तो
सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए खाने में संतुलित-आहार की बात हमेशा कही जाती
है। इसके साथ ही सही कॉम्बिनेशंस की जानकारी भी जरूरी है, यानि किस-किस चीज को एक
साथ खाना चाहिए और किस-किस को नहीं। इन्हीं चीजों के बारे में हम कई बार अपने घर के
बड़े-बुजुर्गों से सुनते हैं लेकिन अंधविश्वास समझकर उनकी बातों को नजरअंदाज कर
देते हैं। दरअसल, बहुत कम लोग जानते हैं कि फूड कॉम्बिनेशन का भी सेहत पर अच्छा व
बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए यह जरूरी है कि आप जो कुछ भी
खाएं और पीएं उनका शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। लोगों को समय-समय पर अपनी डाइट
में भी बदलाव करते रहना चाहिए। सेहतमंद रहने के लिए अधिक मात्रा में तेलयुक्त
व्यंजनो के सेवन से बचना चाहिए, इसलिए अगर आप समय से पहले बूढ़े नहीं दिखना चाहते
हैं तो सिगरेट और तंबाकू उत्पाद छोड़ने का प्रयास करें अधिक मात्रा में चाय या कॉफी आपके लिए हानिकारक हो सकती हैं।
अगर दोस्तों के बीच और पार्टिज आदि में आप शराब का मोह नहीं छोड़ पाते हैं तो अपनी इस आदत को जल्द ही छोड़ दीजिए, ये लीवर पर
बहुत बुरा असर डालता है। इसलिए कहते हैं कि आपको भोजन वैसा ही करना चाहिए जैसा
आपका शरीर पसंद करे, वैसा नहीं जैसा आपके मन या जुबान को पसंद हो। खाना ऐसा हो जिसको खाने पर शरीर में शक्ति
और स्फूर्ति का संचार हो। अगर किसी चीज को खा कर आप आलस महसूस करते हैं तो इसका
मतलब यह है कि वह आपके शरीर को पसंद नहीं है। आमतौर पर हम तरह-तरह के व्यंजन स्वाद
के सुख के लिए खाते हैं और अपने शरीर को कष्ट देते रहते हैं, यह कोई बुद्धिमानी का
काम तो नहीं है। इसलिए वही लोग अपनी असली जीवन जीते हैं जो अपना जीने का नजरिया
बदलते हैं उसे एक सकारात्मक दृष्टिकोण देते हैं। और तब आप देखेंगे कि एक-एक करके
आप सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं और आपके जीवन में खुशी, अच्छा स्वास्थ्य,
सुखी परिवार और जो भी आपने अपनी जिदंगी से
चाहा है वो सब आपको मिलने लगेगा।
आपने तो मेरी खान पान की शैली की सोच ही बदल दी.....
ReplyDeleteचलो कुछ तो अच्छा हुआ तुम्हारे साथ गौतम
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा है, सच बताउं तो अब मैं भी सोचने लगा हूं कि जीभ के साथ अत्याचार करना शुरू कर दूं।
ReplyDeleteसर, कभी-कभी जीभ के साथ अत्याचार करना सेहत के लिए अच्छा होता है इसलिए जल्द हीं शुरू कर दीजिए
ReplyDeletejeebh ke sath atyachaar karne ki koi zarurat nahi hai. kyuki hamesha ubli hui sabziyaan ya beswad khana khane se sharir me maahtavpoorn tavton ki kami ho jaati hai... so har tarah ka bhojan kare, lekin thora sambhal kar..
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