Sunday, November 10, 2013

ये कैसी अर्थव्यवस्था है भारत और पाकिस्तान की


भारत क्रय-शक्ति-समता P.P.P(Purchasing Power Parity) के आधार पर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है तथा विश्वभर में तेज गति से उभर रहे राष्ट्रों में से एक हैं, विश्वभर के विकसित देशों के दि्वपक्षीय एवं बहुपक्षीय व्यापार सम्बंध भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं. भारत और अमेरीका सम्बंध, भारत-यूरोपीय संघ सम्बंध, भारत-जापान, दक्षिण कोरिया के मध्य (EPA- Comprehensive Economic Partnership Agreement) समझौता.


वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अमेरीका, चीन तथा खाड़ी मुल्कों द्वारा दी जा रही सहायता से, अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में अहम् भूमिका निभाते है. यह चरितार्थ है कि किसी भी देश को दूसरे देशो पर निर्भर रहना कहीं से उचित नहीं होता है.

फिर भी हम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर रोशनी डालना चाहेंगे. पाकिस्तान के नागरिकों क्रय-शक्ति-समता दक्षिण एशिया में भारत के बाद सर्वाधिक  है. पाकिस्तान में अत्यधिक उपजाऊ भूमि है. पाकिस्तान को सिंचाई प्रदेश तथा नहऱो वाला देश कहा जाता है. वहां पर जूट, कपास, रेशम, गेहूं, चावल तथा अन्य कई फसलों के जलवायु है. इसका तात्पर्य यह है की पाकिस्तान चाहे तो व्यापार तथा आर्थिक सम्बंधो के आधार पर अपनी अर्थव्यवस्था को विकास की राहों पर पूर्ण सक्षम है. जिससे उसकी दूसरे देशों पर निर्भरता घटेंगी. लेकिन पाकिस्तान अलोकतांत्रिक सरकारें तथा आतंकवाद और भारत के विरूद्ध गतिविधियां हमेशा उसके विकास में बाधक रही. भारत के विदेश नीति के विशेषज्ञ कहते है, आर्थिक विकास किसी भी देश में जीवन-स्तर को ऊँचा उठाने तथा खुशहाली लाने में अहम् भूमिका निभाते है. इस संदर्भ में भारत ऩे पाकिस्तान के साथ आर्थिक सम्बंध स्थापित किये है.

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अधिक मजबूत बना सकते है. गौरतलब है कि भारत द्वारा वैशवीकरण को अपनाने के बाद भारत के उत्पादों का बाजार के रुप में पाकिस्तान बेहतर स्थान है. जिसमें आयात-निर्यात अन्य़ देशों के अपेक्षा सस्ता पड़ता है. वहीं भारत द्वारा पाकिस्तान में निवेश से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा साथ ही पाकिस्तान द्वारा अपने निर्यात हेतू भारत एक बड़े बाजार की भूमिका निभा सकता है. इसी संदर्भ में भारत ने 1997 ई. में पाकिस्तान को “ सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र ” MFN (most favoured nation ) घोषित किया. जिसमें भारत द्वारा पाकिस्तान को मुक्त व्यापार क्षेत्र के अन्तर्गत अन्य सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र की तरह व्यापार प्रशुल्क में छुट का लाभ मिल रहा है, किन्तु पाकिस्तान द्वारा भारत के संदर्भ में इस दिशा में कोई कदम नही उठाया गया. हालांकि नवंबर 2011 में उसने भारत को सर्वाधिक वाला राष्ट्र को दर्जा दिया, जिसे बाद में वापस ले लिया. स्पष्ट है कि भारत के साथ आर्थिक सम्बंधों से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन पाक द्वारा इसे आर्थिक की बजाय राजनैतिक और सामरिक (भारत विरोधी गतिविधियां) बना दिया जाता है.

इस सभी तथ्यों को एक धागा में पिरो कर देखें तो अर्थव्यवस्था की संतुलन दोनो देशों के लिए महत्वपूर्ण है. फिर भी सत्ताधारियों के लाचीलापन के कारण दोनों मुल्कों के अवाम् इनका शिकार हुए है. फलस्वरुप अर्थव्यवस्था के मामले में आजादी किसकी.

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